राष्ट्रीय युवा दिवस 2022 / National YOUTH day 2022
राष्ट्रीय युवा दिवस
पूरे भारत में हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। हमें यह याद रखना चाहिए कि इसी दिन यानी 12 जनवरी को भारत के एक विद्वान बल्कि युवा विद्वान का जन्म हुआ था जिनकी याद में इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं। हम बात कर रहे हैं स्वामी विवेकानंद की।
युवा दिवस कब से मनाया जा रहा है?
केवल भारत ही नहीं पूरे विश्व में युवाओं की संख्या तथा जोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है और बढ़ता भी रहेगा। युवा शक्ति को पहचानने तथा उसको एक आवाज देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1984 में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की पहल करी, इसी साल भारत सरकार ने भी 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाने की घोषणा करी। उसके बाद से यानी सन 1985 से हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और आज भी मनाया जाता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस क्यों मनाया जाता है ?
भारत को युवाओं का देश कहा जाता है और कहा भी क्यों ना जाए 1,399,716,988 (एक सौ उनतालीस करोड़ सत्तानवे लाख सोलह हज़र नो सौ अठ्ठासी) भारतीयों में से 507,100,271 (50 करोड़ 71 लाख 271 ) पुरुष व महिलाएं ऐसे हैं जिनकी उम्र 15 से 40 साल के बीच है। यानी लगभग 40% आबादी युवाओं की है। ऐसे में युवाओं को उचित मार्गदर्शन, उनकी ऊर्जा को सकारात्मक रूप देने, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को और ज्यादा बढ़ाने के लिए, युवाओं को उत्साहित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है, और इस प्रोत्साहन के लिए भारत के पास अनेक युवाओं विद्वान युवाओं की सूची है जिसमें स्वामी विवेकानंद चोटी पर आते हैं। स्वामी विवेकानंद का दर्शन व शिक्षाएं न केवल युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं बल्कि स्वामी जी का खुद का जीवन कार्य ही युवाओं को प्रेरित करता है। इसलिए आधुनिक भारत के निर्माण में एक युवा होने की हैसियत से स्वामी जी के कार्यों को देखते हुए उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस 2022 की थीम
It's all in the mind.
राष्ट्रिय युवा दिवस कैसे मनाया जाता है ?
पूरे भारत में इस दिन को एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है जिसमें विभिन्न लोग अपने अपने तरीके से कार्यक्रम आयोजित करते हैं कुछ विशेष और प्रचलित कार्यक्रम निम्नलिखित हैं:
विद्यालय/ विश्वविद्यालय स्तर पर मनाना
विद्यालयों में अलग-अलग प्रतियोगिताएं बच्चों के बीच आयोजित करी जाती हैं।
लेखन प्रतियोगिता
बच्चे बढ़-चढ़कर लेखन प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं जिसमें न केवल युवा दिवस के ऊपर निबंध लिखे जाते हैं बल्कि विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर लिखने के लिए प्रेरित किया जाता है जैसे भारत की तरक्की कैसे हो सकती है, युवाओं का भारत में स्थान, भारत की विश्व में स्थिति, विज्ञान एवं तकनीकी, युवा महिलाओं में जागरूकता, युवाओं में विभिन्न कुशलताओं को उभारना आदि मुद्दों पर लेखन कार्य होते हैं
स्लोगन लेखन
बच्चे अपनी कलाकारी व रचनात्मकता का प्रदर्शन कर कर युवा दिवस से संबंधित स्लोगन बनाते हैं व उसकी प्रदर्शनी लगाते हैं
पोस्टर/ चित्र बनाना
नए दौर में अभिव्यक्ति का एक माध्यम चित्र बनाना भी है बालक अपने मन के नए नए विचारों को अपने चित्रों में उतरने का प्रयास करते हैं तथा प्रत्येक बालक का चित्र एक दूसरे से भिन्न वह आकर्षक होता है।
कवि सम्मेलन/ मुशायरा
विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ-साथ अध्यापक भी इन गतिविधियों में भाग लेते हैं तथा अपनी रचनात्मकता अपनी भाषा शक्ति के माध्यम से अपने संदेश को श्रोताओं तक बहुत ही लुभावने व आकर्षक ढंग से पहुंचाते हैं।
शपथ लेना
विद्यालयों में तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी कई शपथ लेते हैं जिसमें वह खुद को बुराई से रोकते हैं और अच्छाई की तरफ लेकर जाने की कोशिश करते हैं।
इनके अलावा भी कई और कार्यक्रम होते हैं
मैराथन
युवा और उनके साथ विख्यात लोग भी इन दौड़ में शामिल होते हैं। लगभग ये दौड़ हर शहर में होती है
रक्तदान शिविर
लोग बड़ी संख्या में रक्त दान करने अस्पतालों और शिविरों में जाते हैं, ना सिर्फ जाते हैं बल्कि दूसरों को भी जाने के लिए उत्साहित करते हैं । हमें अन्य दिनों में भी रक्त दान करना चाहिए।
युवा दिवस की शुभकामनाएं
हमने पिछले कुछ साल काफी मुसीबतों में गुज़ारे, न सिर्फ कोरोना से बल्कि एक इसी के समानार्थी समस्या बेरोज़गारी से भी। हम आगे बढ़ सके तो केवल अपनी इच्छाशक्ति की बदौलत। यह युवाओं की एक विशेषता है कि इच्छा शक्ति से परिपूर्ण होते हैं। हमें हर कार्य अपने से छोटे नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों पर उसके प्रभाव को ध्यान में रख कर करना चाहिए।
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